डॉ. राजू पटेल, मिर्जापुर (सच्ची बातें)।
मिर्जापुर जनपद के अदलहाट क्षेत्र के पचेंगड़ा गांव के किसान शिव कुमार सिंह की पुत्री एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के कृषि विज्ञान संस्थान के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग की पीएचडी शोधार्थी रूपा पटेल ने यूरोप के देश सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड स्थित बेलग्रेड विश्वविद्यालय में आयोजित दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव विज्ञान सम्मेलन (Southeast Transnational Congress of Microbial Science) में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
यह सम्मेलन माइक्रोबियल साइंस के क्षेत्र में वैश्विक शोधकर्ताओं को एक मंच प्रदान करता है, जिसमें विभिन्न देशों के वैज्ञानिक अपने नवीनतम शोध एवं नवाचार साझा करते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से रूपा पटेल की भागीदारी ने वैश्विक पटल पर एक मजबूती प्रदान किया। रूपा पटेल को इस सम्मेलन में भाग लेने हेतु ग्रांट अवार्डी (Grant Awardee) के रूप में चयनित किया गया।रुपा को ट्रैवल ग्रांट प्रदान किया गया, साथ ही उनके चार दिवसीय प्रवास के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं हेतु 700 यूरो (लगभग 77000 रुपये) की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई। यह सहायता उनके शोध कार्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई।सम्मेलन में रुपा पटेल ने अपने शोध कार्य का प्रभावशाली प्रदर्शन पोस्टर प्रेजेंटेशन (Poster Presentation) एवं फ्लैश टॉक (Flash Talk) के माध्यम से किया। उनका शोध सूक्ष्मजीव समूह (Microbial Consortium) के उपयोग द्वारा सब्जी फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं न्यूट्रीशनल वैल्यू में वृद्धि पर केंद्रित है। यह कार्य न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
वर्तमान में रूपा पटेल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान में प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर अमितावा रक्षित के मार्गदर्शन में पीएचडी. कर रही हैं। उनके शोध कार्य को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में एक उभरता हुआ एवं नवाचारपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
उनकी इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि पर उनके पिता शिवकुमार सिंह व गांव के पवन कुमार सिंह,अनिल सिंह, निराले सिंह,सौरभ सिंह,हरिवंश सिंह,विनोद कुमार सिंह, शैलेन्द्र सिंह आदि ने भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उनकी यह सफलता भारतीय कृषि अनुसंधान की वैश्विक पहचान को और मजबूत करती है।विशेष रूप से यह उपलब्धि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है,यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि रूपा पटेल अपने गांव की पहली ऐसी छात्रा है जो बीएचयू से पीएचडी करने के साथ यूरोपियन देश में प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प, परिश्रम एवं शोध के प्रति समर्पण से अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचा जा सकता है।
रूपा पटेल ने कहा कि यह अवसर उनके लिए अत्यंत सीखने, समझने एवं प्रेरणादायी रहा, जहाँ उन्हें विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों से संवाद करने, नए शोध दृष्टिकोण को समझने और अपने कार्य को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस कार्य के लिए रूपा पटेल ने अपने माता- पिता, प्रोफेसर अमितवा रक्षित, संस्थान, उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार एवं सर्बियन सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया व इच्छुक विद्यार्थियों की हर संभव सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की ।